अच्छा इंसान बनने पर शिक्षा!

अच्छा इंसान बनने पर शिक्षा!

गलत सिद्ध होने पर मुझे कम बुरा लगता था और मैं दूसरों के और अपने सही होने पर उन्हें ज्यादा आसानी से अपनी तरफ ले आता था, इस तरीके से अपनी बात रखते समय मेरा आक्रामक रुख कम होता और मेरा नया तरीका इतना स्वाभाविक हो गया कि पिछले पचास सालों में आज तक किसी ने मेरे मुंह से कोई भारी बात नहीं सुनी होगी और इस आदत से चरित्र की अखंडता के अलावा) को श्रेय जाता है कि जब भी मैं नए संगठनों का प्रस्ताव रखता हूं या पुरानों में बदलाव चाहता हूं तो मेरी बात का मेरे अपने साथी नागरिकों पर इतना प्रभाव पड़ता है और एक अच्छा वक्ता न होने और अपनी भाषा पर अधिकार न होने के बावजूद मैं पब्लिक काउंसिलों में अपनी बात रख पाता हूं। बेन फ्रैंकलिन के तरीके बिजनेस में कैसे काम करते हैं? दो उदाहरण लेते हैं- नॉर्थ कैरोलिना के किंग्स माउंटेन की कैथरीन ए अल्फ्रेड एक कपड़े प्रोसेस करने वाले प्लांट की इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग सुपरवाइजर हैं। उन्होंने हमारी क्लास में बताया कि यहां ट्रेनिंग लेने के बाद कैसे उन्होंने एक संवेदनशील समस्या को सुलझाया- उन्होंने बताया, "मेरी जिम्मेदारी का एक हिस्सा यह है कि मैं अपने ऑपरेटरों के लिए सिस्टम और स्टैंडर्ड का ख्याल रखती हूं, ताकि वे ज्यादा कपड़े बानाकर उनके लिए ज्यादा पैसे ला सकें। जब हमारे पास सिर्फ दो या तीन तरह के कपडे थे, तब यह सिस्टम अच्छा काम कर रहा था, पर हाल में हमने बारह तरह के कपड़ों के लिए क्षमता विकसित कर ली थी!

हमारा वर्तमान सिस्टम ऑपरेटर को अच्छे पैसे देने के लिए और ज्यादा निर्माण के लिए भत्ता देने के लिए पर्याप्त नहीं था। मैंने एक नया सिस्टम बनाया, जो हमें ऑपरेटर को उसके द्वारा बनाए गए कपडे की गणवत्ता के हिसाब से पैसे देता है। इस सिस्टम के साथ मैं एक मीटिंगा में परे विश्वास के साथ पहुंची कि मेरा तरीका सही है। मैंने उन्हें बताया कि वे कैसे गलत थे और वे कैसे न्यायपूर्ण नहीं हो रहे थे और कैसे मेरे पास जवाब हैं। मैं बुरी तरह से असफल रही। मैं अपने सिस्टम के बचाव में इतनी व्यस्त हो गई कि मैंने उनके पास अपनी गलती मानने के लिए कोई रास्ता छोड़ा, वह मामला वहीं रह गया इस कोर्स की कई क्लासें करने के बाद मैंने महसूस किया!

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