जीत हांसिल करने पर शिक्षा

अगर आप जीत गए तो भी हार गए क्यों? मान लिया कि आपने दूसरे मान पर जीत दर्ज कर ली और उसकी बातों में गलतियां निकाल दी और उसे देवकफ सिद्ध कर दिया, तब क्या? आपको तो अच्छा लगेगा। लेकिन उस इंसान का क्या? आपने उसे छोटा महसूस करा दिया। आपने उसके अभिमान को चोट पहुंचाई और- अपनी इच्छा के विरुद्ध भले ही कोई जाए मान, अपने नजरिए पर ही टिका रहेगा वह इंसान। कई साल पहले पैट्रिक जे.ओ. हायर ने मेरी क्लास जॉइन की। उसके पास काफी कम शिक्षा थी और उसे झगड़े से बड़ा प्रेम था। वह कभी ड्राइवर रह चुका था। वह मेरे पास आया, क्योंकि वह काफी समय से बिना सफलता के ट्रक बेचने की कोशिश कर रहा था। थोड़ी पूछताछ से पता चला कि वह उन्हीं लोगों से झगड़ा कर रहा था जिनके साथ बिजनेस करने की कोशिश कर रहा था। अगर किसी भावी विक्रेता ने ट्रक के बारे में कुछ आलोचना की, तो वह गुस्से में उस आदमी की गर्दन पकड़ लेता था। पैट उन दिनों काफी बहसें जीत जाता था। उसने मुझसे बाद में कहा-"मैं अक्सर ऑफिस से यह कहते हुए निकलता था कि 'मैंने उसे अच्छा पाठ पढ़ाया। निश्चय ही मैंने उसे कुछ सिखाया था, पर मैं उसे कुछ बेच नहीं पाया था।" मेरी पहली समस्या यह नहीं थी कि पैट्रिक को बोलना सिखाऊं। मेरा पहला काम था कि उसे बोलने और झगड़े करने से रोकू।। मिस्टर ओ' हायर न्यूयॉर्क में व्हाइट मोटर कंपनी का स्टार सेल्समैन बन गया। उसने ऐसा कैसे कर दिखाया? यहां उसकी कहानी उसकी ही जुबानी है-"अगर अब मैं किसी खरीदने वाले के ऑफिस जाता हूं और वह कहता है 'क्या!

सफेद ट्रक? वे किसी काम के नहीं होते। अगर तुम मुझे दोगे तो भी मैं नहीं लंगा। मैं व्हूज-इट ट्रक खरीदूंगा, तो मैं कहता हूं, "व्हूज-इट एक अच्छा टक है। अगर आप इसे खरीदेंगे तो कभी गलती नहीं करेंगे। व्हूज-इट ट्रक एक अच्छी कंपनी से बनाए गए हैं और अच्छे लोगों द्वारा बेचे जाते हैं।" "तब वह निःशब्द हो जाता है। अब किसी बहस की कोई गुंजाइश ही नहीं रखी। अगर वह कहता है कि व्हूज-इट ट्रक सबसे अच्छे हैं तो मैं मान जाता हूं!